December 13, 2025 3:08 pm

आजादी के 76 वर्ष बीत जाने के बाद भी अर्की के कासला से रजवाहन गांव में सरकार से आज तक सड़क नहीं बन पाई

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अर्की/शहनाज

आजादी के 76 वर्ष बीत जाने के बाद भी विधानसभा अर्की के अंतर्गत कासला से रजवाहन गांव में सड़क नहीं बन पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि बीमारों-बुजुर्गों या प्रसूताओं को पालकी में उठाकर अस्पताल लाना पड़ता है। व मासूम बच्चीयों को जंगली रास्ते से बारिश हो सर्दी ही या तूफान गर्मी हो अपनी जान हथेली पर रख कर शिक्षा के लिए आना जाना पड़ता है। उनका कहना है कि आजादी के बाद से आज तक सरकार अंधी बहरी बनी हुई है। यहाँ तक कि लोक निर्माण विभाग व ग्रामीण विकास विभाग भी कुम्भकर्णी निद्रा में पड़ा है। लोगो का कहना है कि उनके गांव के बहुत से बीमार लोग सड़क ना होने के चलते अस्पताल तक नहीं पहुँच सके व आधे रास्ते मे दम तोड़ चुके हैं। स्कूली बच्चे वर्षा में जंगली रास्तो से अपनी जान हथेली पर लेकर स्कूल जाते है। लेकिन लोकनिर्माण विभाग इस मामले को गम्भीरता से नही ले रहा है। उनका कहना है कि शायद लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों के बच्चे इस गांव से नही है। यदि उनके बच्चे इस गांव से होते तो वह अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए किसी भी तरह सड़क का निर्माण करने में देरी नही करते। वहां लोग का कहना है कि कासला से रजवाहन तक सड़क मांगते हुए उनके बुजुर्ग भी स्वर्ग सिधार गए, परन्तु सड़क निर्माण के नाम पर केवल चुना लगाकर इतिश्री कर ली गई। लेकिन उनकी सुनवाई कहीं नही हो रही है। उनकी आवाज नक्कारखाने में तूती बन कर रह गई है। बस हर दल के नेता लोग चुनावो के दौरान वोट के लिए आते है। और सड़क निर्माण के लिए वादे कसमें खाते है।लेकिन सत्तासीन होते ही वह सब भूल जाते है।
सरकार रोप वे के निर्माण।
युवक मंडल रजवाहन के प्रधान चमनलाल ने जानकारी दी कि वर्ष 2018 को उन्होंने जनमंच गुलाबपुरा मे अपने गांव के लिए एम्बुलेंस सड़क की डिमांड रखी थी। उसके बाद लोकनिर्माण विभाग ने हमारे गांव की निजी मलकित भूमि लोकनिर्माण विभाग के नाम करवाने के आदेश जारी किये जिस पर सभी लोगों बैठक कर भीनी जोहड़ी कासला से गांव रजवाहन सड़क सम्पर्क मार्ग से लोकनिर्माण विभाग द्वारा सर्वे करवाया । तथा 15जनवरी 2019 को स्थानीय लोगों ने निजी मलकित लोकनिर्माण विभाग रामशहर के नाम गिफ्टडीड करवा दी ।साथ ही साथ ही स्थानीय पंचायत , वनकमेटी, और साथ लगती पंचायत घड्याच की एन ओ सी के साथ ही अन्य सम्बंधित कागज भी लोकनिर्माण विभाग के पास जमा करवा दिए । पश्चात वन विभाग लोकनिर्माण विभाग और राजस्व विभाग द्वारा किये गए जॉइंट इंस्पेक्शन के दौरान दो किलोमीटर निजी मलकित और एक किलोमीटर फारेस्ट का एरिया आया । फारेस्ट विभाग द्वारा 2021मे पेड़ो की काउंटिंग की गई और रिपोर्ट दफ्तर मे भेज दी गई जिसमे 362पेड़ है । परन्तु इसके बाद लोकनिर्माण द्वार कोई कार्यवाही नही की गई। ज़ब जब लोकनिर्माण विभाग से इस बारे में बात की गई तो विभाग का कहना था कि यह वन विभाग की एजेंसी एफसीए के पास केस बना कर भेजा जाएगा ।परन्तु परमिशन नही मिलेगी।केस तैयार करने मे समय लगेगा । 2021 से आज 2025 आ गया परन्तु आजतक लोकनिर्माण विभाग द्वारा वन विभाग की स्वीकृति हेतु ऑनलाइन नही किया गया है। जबकि जिन लोगो की निजी भूमि थी उन्होंने भी वर्ष 2019 गिफ्ट डीड बनाकर दे दी है। उनका कहना है कि गांववासी लगभग पन्द्रह वर्षो में दोनों राजनीतिक दलों के विधायकों को अपनी समस्या लेकर मिल चुके है। लेकिन आजतक कोई कार्यवाही नहीं की गई।स्थानीय ग्रामीणों की सरकार व लोकनिर्माण मंत्री से आग्रह किया है कि वह स्वयं इस मामले में संज्ञान लेकर एम्बुलेन्स लायक सड़क का निर्माण करवाएं।

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