कुनिहार
अक्षरेश शर्मा
सावन माह की शिवरात्रि के पावन अवसर पर कुनिहार जनपद भक्ति रस में डूबा रहा।संध्या बेला में हरिद्वार से कावड़ जल लेकर आये कावड़ियों ने शिव तांडव गुफा सहित क्षेत्र के शिवालयों में जलाभिषेक किया।
राजदरबार में चल रहे शिव महापुराण कथा में ज्योतिर्लिंगों की महिमा का उल्लेख आचार्य रूप कृष्ण कोशल द्वारा किया गया व शिव महापुराण को पूर्णाआहुति के साथ विराम दिया गया।
दोपहर से आरम्भ हुआ भंडारा देर रात्रि तक चला,जिसमे हजारों लोगों ने भण्डारे का प्रसाद ग्रहण किया।
देर शाम को उत्तरायणी नदी गम्भर व कुणी खड्ड के संगम पर पार्थेश्वर शिव लिंग के जल प्रवाह में सैंकड़ो शिव भक्तों ने भोले शंकर के जयकारों के साथ हाजिरी लगाई,तो वहीं
सोलन के अभी ग्रुप के कलाकारों ने शिव पार्वती,माँ काली व प्रभु राम सहित कावड़ यात्रा की महिमा पर सुंदर व आकर्षक झांकियों से शिव भक्तों का भरपूर मनोरंजन किया।
शिव कावड़ सेवा संघ के वरिष्ठ सदस्य विनोद भरद्वाज,राधा रमन शर्मा ,पंकज शर्मा ,रोहित महंत व सुरेन्द्र कुमार ने कुनिहार जनपद के सभी लोगो का सावन माह के इस पावन कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया।





