दाड़लाघाट
दाड़लाघाट के शिव मंदिर प्रांगण में इन दिनों श्रीराम कथा का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जा रहा है। कथा के आठवें दिन कथा व्यास आचार्य मनी राम शास्त्री ने भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम केवल एक अवतार नहीं,बल्कि आदर्श पुत्र,आदर्श भाई,आदर्श पति और आदर्श राजा के रूप में संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके जीवन से हमें सत्य,धर्म,कर्तव्य और मर्यादा का पालन करना सीखना चाहिए। आचार्य ने यह भी कहा कि श्रीराम ने विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और संयम से कार्य कर यह संदेश दिया कि कठिन समय में भी इंसान को अपने धर्म और कर्तव्य से विचलित नहीं होना चाहिए। आचार्य मनी राम शास्त्री ने कथा के दौरान भक्तों को सीता माता की पवित्रता,लक्ष्मण जी की सेवा भावना और हनुमान जी की अटूट भक्ति का वर्णन करते हुए कहा कि अगर हम इन आदर्शों को जीवन में उतार लें तो हमारा जीवन स्वतः सफल हो सकता है। इस अवसर पर बाबा महन्त श्री जयदेव गिरी जी महाराज ने बताया कि उनके गुरुजी एवं ब्रह्मलीन नागा बाबा श्री वैष्णो गिरी जी महाराज की 10वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में इस पावन श्रीराम कथा का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि कथा पंडाल में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। आठवें दिन भी कथा के दौरान भजन-कीर्तन और राम नाम के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कथा का समापन पांच सितंबर शुक्रवार को हवन और भव्य भंडारे के साथ किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया गया है।
इस मौके पर पूर्व उपप्रधान दाड़ला राजेश गुप्ता,मोहन सिंह ठाकुर,लाला शंकर दास अरोड़ा,जय पाल चौधरी,बालक राम शर्मा,श्याम चौधरी,ठाकुरु राम,सुरेंद्र ठाकुर,पुष्पेन्द्र शर्मा,प्रदीप महाजन,दिनेश,प्रेम,ओमप्रकाश शर्मा,संजू मौजूद रहे।





