सोशल मीडिया पर खरड़ हट्टी पंचायत के कंडला गांव के लोगो की दयनीय हालत को देखते हुए कुनिहार विकास सभा ने भी मोर्चा खोल दिया है ।सभा के प्रधान धनी राम तंवर ने सरकार व पीडब्ल्यूडी मंत्री व पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के खिलाफ रोष प्रकट करटी हुए कहा ,कि कुनिहार विकास सभा कई सालों से इस समस्या का हल करने के लिए लिखित रूप में सरकार तक को अवगत करवा चुकी है कि यह कंडला गांव जिसमें करीब 25 से 30 परिवार रहते हैं और सभी दलित वर्ग से संबंधित है जिनका गुजारा नगदी फसलों पर है और यह गांव कुनी खड के किनारे बसा हुआ है बरसात के दिनों में जब कुनी खड में बाढ़ आती है तो इन गांवों के लोग अपने बच्चों को कुनिहार पढ़ने के लिए कई दूसरे जंगल के रास्ते से भेजते हैं क्योंकि बरसात के कारण जो केवल डेढ़ किलोमीटर सड़क कडलां गांव से कामला सड़क तक बनवाई गई थी वह कच्ची पड़ी है कई जगह से गिर चुकी है और पैदल चलने लायक भी नहीं है दूसरी तरफ अगर कोई गांव का व्यक्ति बीमार हो जाए तो उसे अस्पताल पहुंचना मुश्किल है क्योंकि उस तरफ नदी में बाढ़ होती है जिसको पार करना मुश्किल होता है तो मरीज को नालागढ़ शिमला रोड पर भी नहीं ले जा सकते और दोनों तरफ से रास्ते बंद होने के कारण से इनकी जो भी नगदी फ़सले हैं वह खेतों में ही सड़ जाती है लेकिन अफसोस की बात है कि अखबारों द्वारा सरकार बड़े-बड़े दावे दलित वर्ग के लिए करती है मगर हाल यह जमीनी हकीकत है कि आज तक भी इस वर्ग को प्रधानमंत्री सड़क योजना या दूसरे किसी योजना में नहीं डालकर सरकार इनके साथ अन्याय कर रही है ।एक बार फिर से कुनिहार विकास सभा आग्रह करती है की समस्या को जल्द से जल्द दूर करें और किसी भी योजना में डालकर इसको अपने पीडब्ल्यूडी विभाग के अंदर ले ताकि इसे मूल रूप से पक्का डंगे व नालिया बनाकर हर समय चलने लायक किया जा सके।





