कुनिहार
अक्षरेश शर्मा
रामलीला जन कल्याण समिति कुनिहार के सौजन्य से राम लीला के दूसरे दिन का आगाज अष्टभुजा दुर्गा माँ की शानदार झांकी के साथ हुआ।
हाटकोट पंचायत प्रधान जगदीश अत्री ने आरती में माँ दुर्गा का आशीर्वाद लिया ।
राम लीला मंचन के दूसरे दिन रावण दरबार दशरथ दरबार,जनक दरबार के मनमोहक दृश्यो का मंचन रामलीला के पात्रों द्वारा किया गया ।
जगदीश अत्रि ने समिति को अपनी और से 11000 रू की राशि भेंट की व समिति के निदेशक राधा रमन शर्मा ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
जगदीश अत्री ने कहा ,कि समिति ने पिछले पाँच दशकों से रामलीला मंचन को जारी रखा है ,जोकी हमारी प्राचीन संस्कृति व प्राचीन परम्पराओं के संरक्षण के लिए आवश्यक है।
रामलीला के दूसरे दिन श्रवण कुमार की लीला का मंचन किया गया।श्रवण कुमार अपने अंधे माता पिता की आँखो की रोशनी के लिए दशरथ दरबार पहुंचते है व गुरु वशिष्ठ द्वारा सुझाए गए उपाय के अनुसार अपने अंधे माता पिता को तीर्थ करवाते है ।अवध पहुँचने पर अपने माता पिता को प्यास लगने पर सरयू नदी से पानी लेने जाना व राजा दशरथ का शब्द भेदी बाण से श्रवण कुमार की मृत्यु होना ।श्रवण के माता पिता द्वारा दशरथ को श्राप देना कि जिस तरह हम पुत्र वियोग में प्राण छोड़ रहे है ,उसी तरह एक दिन तू भी तड़फ़ तड़फ़ कर मरेगा।रामलीला के पात्रों के जीवंत अभिनय के लिए दर्शकों का भरपूर स्नेह मिला।
इस दौरान समिति के संस्थापक देवेंद्र शर्मा,प्रधान रितेश जोशी,निदेशक राधा रमन शर्मा व संदीप जोशी,मंच संचालक अरुण शर्मा ,संजय जोशी,मुकेश शर्मा,राहुल सहित सभी सदस्य मौजूद रहे ।




