December 15, 2025 11:33 am

आज करे माँ चन्द्रघण्टा का पूजन,जानिये नवरात्रि विशेषांक में

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भार्गव

शारदीय नवरात्र की पावन मां दुर्गा के नौ स्वरूप की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है। मां चंद्रघंटा के स्वरूप की बात करें तो इनका वर्ण स्वर्ण की तरह चमकीला है। माता रानी के इस स्वरूप के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र विराजमान है जिस कारण इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है।
शारदीय नवरात्र (शारदीय नवरात्रि 2025 की शुरुआत सोमवार 22 सितंबर से हुई थी। इस अवधि में मां दुर्गा के नौ भिन्न-भिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना करने का विधा है। नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। इस बार शारदीय नवरात्र 10 दिनों तक चलने वाले हैं। ऐसे में मां चंद्रघंटा की पूजा 24 सितंबर को की जाएगी। आप इस दिन पर उनकी कृपा प्राप्ति के लिए कुछ खास उपाय कर सकते हैं।

मां को प्रिय है यह रंग

मां चंद्रघंटा की पूजा के दौरान आप लाल या फिर पीले रंग के वस्त्र धारण कर सकते हैं। इसके साथ ही पूजा में भी माता चंद्रघंटा को लाल रंग के फूल और लाल चुनरी अर्पित करने चाहिए। ऐसा करने से साधक को देवी मां की विशेष कृपा की प्राप्ति होती है।
नवरात्र के तीसरे दिन जरूर करें ये काम, मिलेगी मां चंद्रघंटा की कृपा

शारदीय नवरात्र की पावन मां दुर्गा के नौ स्वरूप की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है। मां चंद्रघंटा के स्वरूप की बात करें तो इनका वर्ण स्वर्ण की तरह चमकीला है। माता रानी के इस स्वरूप के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र विराजमान है जिस कारण इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है।

मां चंद्रघंटा को कैसे करें प्रसन्न।

शारदीय नवरात्र में होती है मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा।
साधक माता रानी के निमित्त करते हैं व्रत और पूजा-पाठ।
नवरात्र के तीसरे दिन की जाती है मां चंद्रघंटा की पूजा।

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शारदीय नवरात्र की शुरुआत सोमवार 22 सितंबर से हुई थी। इस अवधि में मां दुर्गा के नौ भिन्न-भिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना करने का विधा है। नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। इस बार शारदीय नवरात्र 10 दिनों तक चलने वाले हैं। ऐसे में मां चंद्रघंटा की पूजा 24 सितंबर को की जाएगी। आप इस दिन पर उनकी कृपा प्राप्ति के लिए कुछ खास उपाय कर सकते हैं।

माता को प्रिय है यह रंग
मां चंद्रघंटा की पूजा के दौरान आप लाल या फिर पीले रंग के वस्त्र धारण कर सकते हैं। इसके साथ ही पूजा में भी माता चंद्रघंटा को लाल रंग के फूल और लाल चुनरी अर्पित करने चाहिए। ऐसा करने से साधक को देवी मां की विशेष कृपा की प्राप्ति होती है।

लगाएं ये भोग
मां चंद्रघंटा की पूजा में आप उन्हें खीर का भोग लगा सकते हैं। इससे माता की विशेष कृपा साधक को मिलती है। आप खीर में केसर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा भोग के रूप में माता को लौंग, इलायची, पंचमेवा और दूध से बनी मिठाइयां भी अर्पित की जाती है। इससे देवी प्रसन्न होती है और साधक को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।

करें इन चीजों का दान
शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन आप मां चंद्रघंटा की कृपा के लिए किसी मंदिर में पीतल की घंटी का दान कर सकते हैं। इससे देवी प्रसन्न होती हैं और श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं की पूर्ति करती हैं। इसके अलावा आप अपनी क्षमता के अनुसार, अनाज जैसे गेहूं या चावल और धन आदि का दान भी कर सकते हैं। इससे साधक को मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
करें ये उपाय
नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की के दौरान ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः मंत्र का कम-से-कम 11 या फिर 21 बार जप करना चाहिए। ऐसा करने से देवी साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं।

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