कुनिहार
अक्षरेश शर्मा

हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेश महासचिव इंद्रपाल शर्मा ने यहां आयोजित प्रेस वार्ता में कहा की प्रदेश के पेंशनर्स 17 अक्टूबर को सरकार के विरुद्ध सड़कों पर उतरेंगे। शर्मा ने कहा कि प्रदेश के करीब 2 लाख पेंशनरों का सबर का बांध अब टूट चुका है प्रदेश की वर्तमान सरकार पिछले 3 वर्षों से प्रदेश के पेंशन के करीब 12000 से अधिक करोड़ राशि के देनदारी के ऊपर कुंडली मार के बैठी है इसको लेकर के प्रदेश के विभिन्न संगठनों ने सरकार से बार-बार अपने मांग पत्र के द्वारा मांग की कि हमारी देनदारी का भुगतान किया जाए अभी 7 अगस्त को और उसके बाद 4 सितंबर को बिलासपुर में प्रदेश स्तरीय प्रदेश के करीब 17 विभिन्न प्रमुख संगठनों की एक संयुक्त बैठक हुई थी जिसमें संयुक्त रूप से एक संघर्ष समिति का गठन किया गया था प्रदेश के विभिन्न संगठनों के प्रमुख मांगों का एक मांग पत्र तैयार करके संघर्ष समिति के द्वारा 16 सितंबर को मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश बी सचिव और मुख्यमंत्री को प्रेषित किया गया है जिसमें सरकार से 16 अक्टूबर से पहले पहले 14 मांगों को सरकार से लागू किए जाने की मांग की गई है यदि सरकार इसे नहीं करेगी तो 17 अक्टूबर को पूरे प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय पर सहयोग संघर्ष समिति के द्वारा विशाल धरने प्रदर्शन किए जाएंगे और प्रदेश के पेंशन सड़कों पर उतरेंगे इसको लेकर के पूरे प्रदेश में प्रदेश संघर्ष समिति के बाद हर जिला पर संघर्ष समितियां का गठन किया जा चुका है और अब ब्लॉक स्तर पर लेकर संयुक्त संघर्ष समितियां की संरचना की जा रही है आगामी 17 अक्टूबर को पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालय पर प्रदेश के पेंशनर सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोलेंगे और इसके पश्चात यदि सरकार ने हमारी मांगे नहीं मानी और संयुक्त संघर्ष समिति को वार्ता के लिए आमंत्रित नहीं किया तो आने वाले समय में पूरे प्रदेश के पेंशनर हजारों की संख्या में शिमला में इसको लेकर धरना प्रदर्शन करेंगे शर्मा ने कहा की सरकार एक और वित्तीय संकट का रोना रो रही है और दूसरी ओर प्रदेश में अनायक्षक रूप से हर महीने अपने चेहरों को रेवड़िया बांटने का काम किया जा रहा है जिसमें दर्जनों सलाहकार चेयरमैन वाइस चेयरमैन की नियुक्ति की गई और आए रोज यह नियुक्तियां हो रही है प्रदेश में एडवोकेट जनरल एडिशनल एडवोकेट जनरल की 100 से अधिक पूछते हैं सरकार ने भर रखी है जिनको हर महीने करोड़ों रुपए उसके ऊपर खर्च किए जा रहे हैं और इसके अलावा प्रदेश के पेंशनरों को लेकर के सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपीलदार कर रही है जिस पर नामी वकीलों को करोड़ों रुपए का भुगतान किया जा रहा है। शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 1980 के कर्मचारी आंदोलन के बाद एक पहला ऐतिहासिक आंदोलन होगा जिसमें प्रदेश के करीब 2 लाख विभिन्न पेंशन संगठनों के सभी लोग एकजुट होकर के एक झंडे के तले पहली बार अपनी मांगों को लेकर के सरकार के विरुद्ध सड़कों पर उतरेंगे।। इस अवसर पर आरपी जोशी ओम प्रकाश गर्ग रमेश योगीराज जगदीश चंदेल सुशील शर्मा सोहनलाल सत्य प्रकाश उपस्थित रहे।





