February 14, 2026 4:45 pm

अंबुजा सीमेंट कर्मचारी संघ की दाड़लाघाट में एक आम सभा का आयोजन,कई मुद्दों पर हुई चर्चा

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अंबुजा सीमेंट कर्मचारी संघ की ओर से दाड़लाघाट में एक आम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें श्रमिकों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को लेकर चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। सभा में बताया गया कि कर्मचारी संघ ने कई बार प्रबंधन वर्ग से संवाद और वार्ता की, लेकिन केवल समय व्यतीत किया गया और कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इससे श्रमिकों में भविष्य को लेकर गहरी चिंता है। आरोप लगाया गया कि श्रम कानूनों की अवहेलना की जा रही है और श्रमिकों का आर्थिक व सामाजिक शोषण हो रहा है। श्रमिकों ने कहा कि वे पिछले 20–22 सालों से कार्यरत हैं, इसके बावजूद उन्हें अनेक मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है। जो श्रमिक पाँच साल से कार्य कर रहे हैं, उन्हें ठेका श्रम अधिनियम (विनियमन एवं उन्मूलन) 1971 और केंद्रीय नियमों के तहत स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएँ मिलनी चाहिए। सीमेंट वेज बोर्ड अवार्ड में भी इन श्रमिकों को स्थायी घोषित किया गया है। सभा में यह भी बताया गया कि कई श्रमिक अंबुजा उद्योग से ही सेवानिवृत्त हुए हैं या कंपनी छोड़ चुके हैं, लेकिन उन्हें ग्रेच्युटी (उपदान) का भुगतान नहीं किया गया। वहीं कुछ श्रमिकों को न तो वार्षिक छुट्टी और बोनस दिया जाता है और न ही ओवरटाइम का बकाया एरियर, केवल तीन महीने का एरियर दिया गया, जबकि तीन साल का एरियर अभी लंबित है। इन चार प्रस्तावों को पारित करते हुए निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही एक मांगपत्र अंबुजा प्रबंधन को सौंपा जाएगा। यदि इसके बाद भी कार्यवाही नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। कर्मचारी संघ ने साफ कहा कि श्रमिकों का शोषण अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इकाई अध्यक्ष सुरेश कुमार ने कहा अब हम श्रमिकों के साथ हुए शोषण को न्याय दिलाकर रहेंगे। प्रबंधन वार्ता का अर्थ नहीं समझ रहा, इसलिए आंदोलन हमारा अंतिम विकल्प होगा। सभा में विशेष आमंत्रित
महामंत्री अखिल भारतीय सीमेंट मजदूर महासंघ ओमप्रकाश शर्मा ने कहा अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ना हर नागरिक का परम कर्तव्य है। जब वार्ता से समाधान नहीं निकलता, तब आंदोलन ही अंतिम हथियार होता है। इस अवसर पर महामंत्री नरेश कुमार, कोषाध्यक्ष रुवेश कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रूपलाल, हिमाचल सीमेंट महासंघ के अध्यक्ष टेकचंद, उपाध्यक्ष राकेश महाजन, भुनेश्वर कुमार, दीपचंद, रोशन लाल, भूमिचंद, बलवंत कुमार, कमलजीत, दलीप कुमार, विनोद कुमार, गोविंद राम, लाभ चंद, नरेंद्र कुमार और चरणजीत सिंह सहित कार्यसमिति के सदस्य के अलावा मंढोड देवता प्रांगण में लगभग 480 श्रमिक शामिल हुए।

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