कुनिहार
गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल, कुनिहार में विजयादशमी के पावन अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दिन की शुरुआत छात्रों को दशहरे के महत्व से अवगत कराने के साथ हुई। इसके बाद छात्रों ने उत्साहपूर्वक रावण के प्रतीकात्मक पुतले का दहन कर बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया।

विशेष आकर्षण यह रहा कि विद्यालय के प्री-प्राइमरी वर्ग के नन्हें-मुन्ने बच्चों ने रावण फेस मेकिंग और रावण बनाने की गतिविधियों में भाग लिया, जिससे उनमें रचनात्मकता और पर्व से जुड़ाव की भावना जागृत हुई।
इस बार रावण का पुतला “बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट” यानी अनुपयोगी वस्तुओं से तैयार किया गया था, जिससे छात्रों को पर्यावरण संरक्षण और पुनः उपयोग (recycling) का महत्व समझाया गया। पुतला दहन के उपरांत सभी छात्र-छात्राओं ने उल्लासपूर्वक नृत्य प्रस्तुत कर समारोह को और भी आनंदमय बना दिया।
विद्यालय की प्राचार्या श्वेता कोंडल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि “दशहरा हमें यह संदेश देता है कि बुराई कितनी भी बड़ी क्यों न हो, सत्य और सद्गुण की सदैव विजय होती है।”
विद्यालय के चेयरमैन शसुनील गर्ग, डायरेक्टर समीर गर्ग और सुश्री अदिति गर्ग ने छात्रों और शिक्षकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि “यह आयोजन न केवल बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है, बल्कि इसमें सतत विकास का अद्भुत संदेश भी छिपा है। अनुपयोगी वस्तुओं से रावण का पुतला बनाना आने वाली पीढ़ियों को यह सिखाता है कि संसाधनों का सही उपयोग और पर्यावरण का संरक्षण कितना आवश्यक है।”





