ग्राम पंचायत एवं दशहरा उत्सव समिति दाड़लाघाट द्वारा आयोजित तीन दिवसीय दशहरा उत्सव के अवसर पर सांस्कृतिक संध्या में हिमाचली, पुराने और पंजाबी गीतों का शानदार संगम देखने को मिला। कलाकारों ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से माहौल को सुरमयी बना दिया और दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि विधायक अर्की संजय अवस्थी रहे, जबकि विशेष अतिथि के रूप में अदाणी सीमेंट के उत्तर क्षेत्र प्रमुख मुकेश सक्सेना और एसीएफ के क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक संजय शर्मा ने शिरकत की। ग्राम पंचायत एवं दशहरा उत्सव समिति के सदस्यों ने मुख्यातिथि सहित सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत कर उन्हें स्मृति चिन्ह एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। मुख्यातिथि विधायक संजय अवस्थी ने लोगों को दशहरा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अपनी संस्कृति को सहेजना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हमारी जिम्मेदारी है। वहीं मुकेश सक्सेना ने कहा कि मेलों और उत्सवों से समाज में भाईचारा बढ़ता है और स्थानीय परंपराओं को नई ऊर्जा मिलती है। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत गुलशन गर्ग ने गीत तेरे बिन नहीं जीना, से की। इसके बाद मेरे रश्के कमर और रौनक हो जु कट वे चल मेले नू चलिए जैसे गीतों पर दर्शक झूम उठे। दीक्षा वर्मा ने मुहब्बतां सचियां ने, ओ बे लालिये और लम्बरदार बुरा अड़िये गीतों से समां बांध दिया।
दाड़लाघाट के ही मास्टर किशोर ने धारा पांदे लगो कुकड़ी और बाड़ू बाड़ा महाराज जैसे भक्तिमय गीतों से कार्यक्रम को आध्यात्मिक रंग दिया। संध्या के अंतिम चरण में सिरमौरी गायक दीपक चौहान ने देवा श्री गणेशा, तेरा मेरा प्यार अड़िये, साहिबा री बीवीए, आंदे जांदे सिटी मारदे और कई पहाड़ी नाटियों से पूरी भीड़ को नाचने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान गांव मझेड के निवासी अध्यापक कवि बृजलाल शर्मा ने बाघल भाषा में कविता प्रस्तुत कर लोगों की खूब वाहवाही लूटी। वहीं दाड़लाघाट के गायक कलाकार भीम सेन ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।





