डॉ यशवंत सिंह परमार बागवानी व वानिकी विश्वविद्यालय नौणी सोलन के खाद्य एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आरकेवीवाई रफ्तार परियोजना के तहत 2 दिन का प्रशिक्षण शिविर दसेरन पंचायत (भराड़ीघाट) में आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में लगभग 30 किसान बागवानों को खाद्य प्रसंस्करण द्वारा कृषि में आत्मनिर्भरता व उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु किसान बागवानों को प्रशिक्षित किया गया। इस शिविर में विभाग से डॉक्टर मनीषा कौशल, डॉ अनिल कुमार वर्मा व दीवान चंद उपस्थित रहे। दो दिन के कार्यक्रम में किसानों द्वारा जैम, फल आधारित पेय पदार्थ, आचार व चटनी इत्यादि बनाए गए। विश्वविद्यालय से आए प्रशिक्षकों ने बताया कि स्वस्थ जीवन के लिए सही पोषण व प्राकृतिक उत्पादों का उपयोग जरूरी है। इसके अतिरिक्त स्थानीय उत्पादों का उपयोग कर ग्रामीण स्तर पर स्वरोजगार, मौसम आधारित उत्पादों का सही उपयोग, खाद्य सुरक्षा व न्यूट्रिशन सुरक्षा प्रदान की जा सकती है। फल प्रसंस्करण को आमदनी बढ़ाने व स्वरोजगार के अवसर पैदा करने हेतु बढ़ावा देने की आवश्यकता है। भारत में फल और सब्जियों के कुल उत्पादन का केवल दो प्रतिशत ही प्रोसेस होता है जबकि अन्य देशों जैसे फिलीपीन ब्राज़ील मलेशिया इत्यादि में 70 से 80 प्रतिशत फल सब्जियो के उत्पाद को प्रसंस्करण के लिए उपयोग किया जाता है।





