दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा दाड़लाघाट में आयोजित की जा रही सात दिवसीय श्रीराम कथा का मंगलवार को शुभारंभ हो गया। इससे पूर्व दाड़लाघाट तथा आसपास के क्षेत्र से एकत्र हुए श्रीराम भक्तों ने स्यार गांव के प्राचीन शिव मंदिर से कथा स्थल तक भव्य मंगल कलश यात्रा निकाली। जिसका शुभारंभ डीएसपी दाड़लाघाट नवीन झाल्टा ने किया। इस दौरान मस्तराम शर्मा, पूर्व उपप्रधान दाड़ला राजेश गुप्ता, राजेंद्र शर्मा, आशीष गुप्ता, कमलकांत चंदेल, विजय भारद्वाज, राज कुमार, अवमिंदर कुमार शामिल रहे। सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी गार्गी भारती ने बताया कि लगभग 200 सौभाग्यवती महिलाओं ने मंगल कलश धारण कर विश्व मंगल की कामना करते हुए शोभा यात्रा में भाग लिया। कथा कार्यक्रम में साध्वी राधिका भारती अपने मुखारविंद से श्रीराम कथा का वाचन कर रही हैं। उन्होंने कथा प्रसंग के माध्यम से बताया कि वो दुःख सबसे उत्तम है जो हमें प्रभु श्री रामचंद्र जी से जोड़ देता है। उन्होंने बताया कि सांसारिक दु:खों से त्रस्त होने के बाद तुलसीदास जी के प्रभु मिलन का रास्ता खुला। जब सांसारिक रिश्ते हमें दुःख और प्रताड़ना देते हैं तभी ईश्वर हमारा हाथ थामने स्वयं आ पहुंचते हैं, बस इतनी सी शर्त है कि हमारी पुकार सच्ची हो और हमें कोई ऐसा पूर्ण संत मिल जाए जो हमारा साक्षात्कार ईश्वर से करवा दे। इस दौरान मंचासीन संत समाज ने सुंदर भजनों की प्रस्तुति से पंडाल को श्रीराम चंद्र की भक्ति के रंग में रंग दिया।





