दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से दाड़लाघाट के शिव मंदिर में चल रही दिव्य राम कथा के पाँचवें दिवस का आयोजन अत्यंत भक्तिभाव और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कथा व्यास साध्वी राधिका भारती ने अपने प्रवचनों में भगवान श्रीराम और भक्त केवट के पावन मिलन प्रसंग का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। साध्वी जी ने कहा कि केवट प्रसंग केवल एक भावनात्मक घटना नहीं, बल्कि यह मानव जीवन के लिए अत्यंत गहरा आध्यात्मिक संदेश संजोए हुए है। साध्वी राधिका भारती ने कहा कि जब भगवान श्रीराम गंगा के तट पर पहुँचे, तब केवट ने विनम्रता और श्रद्धा से प्रभु के चरण धोकर उन्हें अपनी नाव में स्थान दिया। यही वह क्षण है जो हमें गुरु–भक्ति, समर्पण और दिव्य ज्ञान के परम महत्व को समझाता है। जैसे केवट ने प्रभु के चरणों की महिमा को पहचाना, वैसे ही मानव जीवन में गुरु के चरणों की पहचान और उनके द्वारा प्रदान किए गए ब्रह्म–ज्ञान को धारण करना ही वास्तविक आध्यात्मिक यात्रा का आरंभ है। उन्होंने बताया कि केवट प्रसंग यह संदेश देता है कि जीवन की नाव केवल वही पार लगा सकता है जो स्वयं पार हो चुका हो। जिस प्रकार केवट ने प्रभु को गंगा पार कराई, उसी प्रकार पूर्ण सतगुरु ही जीव को संसार–सागर से पार कराने की समर्थता रखते हैं। साध्वी ने कहा कि गुरु का दिया हुआ ज्ञान व्यक्ति के जीवन में प्रकाश, शांति और स्पष्टता लाता है। यह ज्ञान ही वह शक्ति है जो मनुष्य के भीतर से अज्ञान, भय और भ्रम को दूर करता है। साध्वी भारती ने आगे कहा कि केवट की विनम्रता, निष्ठा और सरले भाव हमें यह शिक्षा देता है कि प्रभु या गुरु तक पहुँचने के लिए बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि भीतर की पवित्रता और भावपूर्ण समर्पण आवश्यक है। जब साधक पूर्ण श्रद्धा से गुरु के समक्ष स्वयं को अर्पित करता है, तब ही वह आत्मिक यात्रा का वास्तविक रस प्राप्त कर पाता है। उन्होंने कहा कि आज मनुष्य जीवन की जटिलताओं में उलझ कर अपने वास्तविक उद्देश्य को भूलता जा रहा है। ऐसे में आवश्यकता है कि व्यक्ति केवट की तरह सरल बने, गुरु के उपदेशों को हृदय से स्वीकार करे, और ब्रह्म–ज्ञान के मार्ग पर अग्रसर हो। यही ज्ञान हमारे जीवन को सही दिशा देता है और हमें आत्मिक आनंद का अनुभव कराता है। कार्यक्रम में उपस्थित भक्तों ने भजन–कीर्तन, ध्यान और कथा के दिव्य वातावरण का गहन रूप से आनंद लिया। अनेक भक्तों ने साध्वी राधिका भारती के वचनों को जीवन में अपनाने का संकल्प भी किया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि राम कथा के आगामी दिवसों में भी भक्तों के लिए विशेष आध्यात्मिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने आम जनता से निवेदन किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर इस पावन कथा का लाभ प्राप्त करें।





