December 15, 2025 10:43 am

बाहरी रावण का अंत श्री राम जी ने किया, मन में बसे अहंकार, क्रोध, लोभ और मोह जैसे आंतरिक रावण का विनाश गुरु की कृपा और ब्रह्मज्ञान से ही संभव।:साध्वी राधिका भारती

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दाड़ला में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्री राम कथा का समापन हो गया। अंतिम दिन कथा व्यास साध्वी सुश्री राधिका भारती ने श्री राम जी द्वारा रावण वध और लंका कांड के दिव्य प्रसंगों का सरल और भावपूर्ण वर्णन किया। साध्वी जी ने कहा कि रावण वध केवल एक ऐतिहासिक प्रसंग नहीं, बल्कि मानव जीवन के लिए गहरा संदेश है। जिस प्रकार बाहरी रावण का अंत श्री राम जी ने किया, उसी प्रकार मन में बसे अहंकार, क्रोध, लोभ और मोह जैसे आंतरिक रावण का विनाश गुरु की कृपा और ब्रह्मज्ञान से ही संभव है। उन्होंने ब्रह्मज्ञान को ईश्वर के प्रत्यक्ष अनुभव का विज्ञान बताते हुए कहा कि पूजनीय गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी ने विश्व को यही दिव्य ज्ञान प्रदान किया है, जो जीवन को प्रकाशमान और संतुलित बनाता है। अयोध्या वापसी प्रसंग का उल्लेख करते हुए साध्वी जी ने कहा कि जैसे त्रेतायुग में अयोध्या दीपों से सजी थी, वैसे ही मनुष्य को अपने हृदय रूपी अयोध्या को भी शुद्ध और प्रकाशपूर्ण बनाना चाहिए। कथा का उद्देश्य सिर्फ सुनना नहीं, बल्कि उसके आदर्शों को जीवन में उतारना है।
समापन समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भजन मंडली द्वारा प्रस्तुत भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। साध्वी राधिका भारती ने सभी संगत का धन्यवाद करते हुए कहा कि कथा की सच्ची सफलता तभी है जब हर श्रोता अपने भीतर सकारात्मक परिवर्तन का संकल्प ले। इस मौके पर
भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष प्रतिभा कंवर,
भाजपा किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष सोलन राकेश गौतम, भाजपा मंडल अध्यक्ष दाड़लाघाट राकेश ठाकुर, भाजपा किसान मोर्चा दाड़लाघाट मंडल अध्यक्ष जगदीश्वर शुक्ला, मुकेश शर्मा, नरेश शर्मा, रंजीत ठाकुर व विजय सहित अन्य श्रद्धालू भी उपस्थित रहे।

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