दुनिया की 9वीं सबसे बड़ी निर्माण सामग्री समाधान प्रदाता और विविध अदाणी पोर्टफोलियो का हिस्सा अंबुजा सीमेंट्स अपनी कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण भारत में समावेशी विकास को लगातार बढ़ावा दे रही है। कंपनी की शिक्षा पहल के तहत ग्रामीण स्कूलों में किए जा रहे प्रयास अब सकारात्मक और प्रेरणादायक परिणाम दिखाने लगे हैं।जीसीपीएस चंडी (अर्की) स्कूल में पढ़ने वाला नैतिक नामक छात्र, जिसे कभी मंदबुद्धि का लेबल दिया गया था, आज कक्षा में ऊंची आवाज़ में पढ़ रहा है और स्कूली गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी कर रहा है। यह परिवर्तन अंबुजा सीमेंट्स के शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत बाल मित्र स्वयंसेवक डिंपल के करुणामय और समर्पित प्रयासों का परिणाम है। बताया गया कि घर पर सीमित सहयोग मिलने के बावजूद डिंपल के धैर्य, व्यक्तिगत ध्यान और रचनात्मक जुड़ाव ने नैतिक की सीखने में रुचि पैदा की और उसकी स्कूल में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की। इस बदलाव का महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब डिंपल ने नैतिक को कविता पाठ जैसी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया, साथियों के सामने उसकी प्रगति की सराहना की और बिना किसी दबाव या डांट-फटकार के उसका होमवर्क पूरा करवाया। धीरे-धीरे नैतिक का आत्मविश्वास बढ़ता गया। आज वह न केवल शैक्षणिक रूप से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, बल्कि कक्षा गतिविधियों और खेलकूद में भी सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहा है। शिक्षकों का मानना है कि डिंपल जैसे बाल मित्रों द्वारा दिए गए व्यक्तिगत ध्यान और देखभाल के बिना यह परिवर्तन संभव नहीं हो पाता। अंबुजा सीमेंट्स ने अपने शैक्षिक कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय स्कूलों का समर्थन करते हुए डिंपल जैसे सामुदायिक स्वयंसेवकों को सशक्त बनाया है। यह पहल कंपनी द्वारा समर्थित समावेशी शिक्षा मॉडल का एक सशक्त उदाहरण है, जहां जमीनी स्तर पर क्षमता निर्माण से दीर्घकालिक और सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। कंपनी सामुदायिक स्वयंसेवकों को सशक्त बनाकर और वंचित छात्रों का सहयोग करके ग्रामीण भारत में एक मजबूत, समावेशी और लचीले शिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।





