सोलन
पवन कुमार सिंघ
दुन विधानसभा के पूर्व विधायक परमजीत सिंह पम्मी ने केंद्र सरकार द्वारा रोजगार से जुड़ी योजनाओं में किए गए महत्वपूर्ण सुधारों का स्वागत किया और कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना में कमियों और भ्रष्टाचार को समाप्त करने के उद्देश्य से इसे नए स्वरूप में लागू किया है। अब इस योजना को वी-जी राम जी नाम दिया गया है, जो ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। परमजीत सिंह पम्मी ने कहा कि मनरेगा के नाम पर वर्षों से बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा था। फर्जी जॉब कार्ड बनाए जा रहे थे, जिनके नाम कार्ड में दर्ज होते थे वे लोग कहीं और काम कर रहे होते थे, दिहाड़ी कहीं और लग रही होती थी और भुगतान मनरेगा से लिया जाता था। इसके अलावा कई जगह बिना काम हुए ही ठेकेदारों के माध्यम से भुगतान कर दिया जाता था, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ। उन्होंने कहा कि वी-जी राम जी योजना के माध्यम से इन सभी अनियमितताओं को दूर करने का प्रयास किया गया है। इस योजना में तकनीक आधारित निगरानी, पारदर्शी भुगतान प्रणाली और वास्तविक श्रमिकों को सीधा लाभ सुनिश्चित किया गया है, ताकि सरकारी पैसा सही हाथों तक पहुंचे। पूर्व विधायक ने कहा कि यह योजना केवल नाम परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में एक मूलभूत सुधार है। इसका उद्देश्य न केवल रोजगार उपलब्ध कराना है, बल्कि ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है। पम्मी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार गरीब, मजदूर और ग्रामीण वर्ग के हितों की रक्षा के लिए लगातार ठोस और दूरदर्शी फैसले ले रही है। वंही अब वी-जी राम जी योजना विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मजबूत आधार बनेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगी।





