सोलन
पवन कुमार सिंघ
देवता-डायनों के युद्ध का फैसला आ गया है, और इस बार डायनों की जीत हुई है। हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर हुए युद्धों में देवता हार गए हैं। इंद्रुनाग देवता ने अपने गुर के माध्यम से बताया है कि क्षेत्र में सुख-शांति और खुशहाली बनी रहेगी।
युद्ध के परिणाम:
- डायनों की जीत: फसलों के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन जान-माल का नुकसान भी हो सकता है।
- क्षेत्र में सुख-शांति: इंद्रुनाग देवता ने अपने गुर के माध्यम से आश्वासन दिया है कि क्षेत्र में सुख-शांति और खुशहाली बनी रहेगी।
- बारिश से नुकसान नहीं: इंद्रुनाग देवता ने अपने गुर के माध्यम से बताया है कि क्षेत्र में बारिश से नुकसान नहीं होगा।
इंद्रुनाग देवता का उपचार:
- मक्खन-चंदन लेप: आगामी पांच दिनों तक मक्खन-चंदन लेप से इंद्रुनाग देवता का उपचार किया जाएगा।
- मणिमहेश में स्नान: राधाष्टमी के पवित्र पर्व पर देवता मणिमहेश में स्नान करने जाएंगे।
- नागडल में स्नान: धौलाधार पर्वत श्रृंखला में स्थित नागडल में भी स्नान करेंगे।
आगे की योजना:
- विशेष पूजा-पाठ: तीन वर्ष में होने वाली इंद्रुनाग देवता की विशेष पूजा-पाठ करने की तैयारी करने के संकेत दिए गए हैं।
- खेल पात्र में जानकारी: गुरुवार को होने वाले खेल पात्र में ही स्पष्ट रूप से बताया जाएगा ।





