February 17, 2026 12:12 pm

शिव महापुराण एक ग्रन्थ नहीं,बल्कि जीवन जीने की कला है -आचार्य बलवंत शांडिलशिव तांडव गुफा कुनिहार में गूंजी शिव महिमा11 दिवसीय महापुराण कथा का भव्य आगाज़

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कुनिहार
अक्षरेश शर्मा
कुनिहार की पावन धरा पर स्थित शिव तांडव गुफा में आज से 11 दिवसीय शिव महापुराण कथा का शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ। भक्ति के इस महोत्सव के पहले ही दिन श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ा, जिससे पूरी घाटी “हर-हर महादेव” के जयघोष से सराबोर हो गई।
कथा के शुभारंभ पर प्रातः 10:00 बजे कोठी घाटी से एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर नगर परिक्रमा की। यह यात्रा मुख्य मार्गों से होती हुई शिव तांडव गुफा पहुँची, जहाँ वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया। इसके पश्चात मुख्य शिवलिंग का जलाभिषेक किया गया और व्यास पीठ एवं शिव महापुराण ग्रंथ का विधिवत पूजन संपन्न हुआ।
दोपहर 2:00 बजे कथा का प्रवाह शुरू करते हुए सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य बलवंत शांडिल जी ने भगवान शिव की महिमा का गुणगान किया। उन्होंने अपनी मधुर वाणी से शिव पुराण के गूढ़ रहस्यों को सरल भाषा में भक्तों के समक्ष रखा।
शिव महापुराण केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। जो मनुष्य श्रद्धापूर्वक इसका श्रवण करता है, उसके जन्म-जन्मांतर के पाप कट जाते हैँ
मंदिर कमेटी ने सभी क्षेत्रवासियों से आग्रह किया है कि वे इस 11 दिवसीय आध्यात्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लें और महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करें।

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