कुनिहार
हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर,संयोजक व भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपा अध्यक्ष घनश्याम शर्मा,महा सचिव इंद्रपाल शर्मा,अतिरिक्त महा सचिव भूप राम वर्मा ,प्रेस सचिव सेन राम नेगी ने धर्मशाला में संघर्ष समिति के द्वारा राज्य स्तरीय विशाल धरना प्रदर्शन में शामिल सभी संगठनों के पदाधिकारियों, तथा उनके संगठन में हजारों पेंशनरो के द्वारा किए गए ऐतिहासिक आंदोलन के लिए उनका अत्यंत आभार व्यक्त किया है।
कुनिहार में आयोजित प्रेस वार्ता में महा सचिव इन्द्र पाल शर्मा ने कहा,कि इस ऐतिहासिक धरना प्रदर्शन में प्रदेश के किन्नौर से लेकर चंबा भरमौर सभी 12जिलों से संघर्ष समिति के सभी 19संगठनों के करीब 10हजार पैंशनरो ने जिस जोश और उत्साह के साथ अपने अपने जथों के साथ रेली में भाग लिया तथा तपोवन में सरकार तथा विपक्ष के नेताओं का घेराव कर चका जाम कर 5बजे तक धरना देकर सरकार को घुटनों पर ला दिया।
शर्मा ने कहा कि सरकार को मजबूर हो कर संघर्ष समिति के शीर्ष नेताओं को मुख्य मंत्री को वार्ता के लिए बुलाना पड़ा।उन्होंने कहा कि न सिर्फ प्रदेश बल्कि देश के इतिहास में पहली बार हजारों की संख्या में पेंशनरो ने एक जुट होकर सरकार के खिलाफ सड़को पर उतर कर संघर्ष किया।
1980के कर्मचारी आंदोलन के बाद ये वरिष्ठ नागरिकों का आंदोलन हुआ है।इन्द्र पाल शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल से कहा कि आपकी जायज मांगे हैं सरकार इसको गंभीरता से ले रही है मुझे 4महीने का समय देदो अप्रैल के बजट में इसे पूरा कर दूंगा। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल से इस बजट सत्र के बाद दिसंबर में विधिवत रूप से वार्ता के लिए समिति को बुलाए जाने को कहा है। इसके बाद संघर्ष समिति ने 11दिसंबर तक अपने संघर्ष को रोकने का निर्णय लिया है।यदि सरकार इस समय अवधि में वार्ता के लिए आमंत्रित नहीं करेगी तो उसके बाद संघर्ष को जिला व ब्लॉक स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।





