February 26, 2026 5:13 am

सिविल हॉस्पिटल अर्की में महिलाओं एवं पुरुषों के स्वास्थ्य संरक्षण हेतु विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

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सिविल हॉस्पिटल अर्की में महिलाओं एवं पुरुषों के स्वास्थ्य संरक्षण हेतु एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को कैंसर, मातृ स्वास्थ्य तथा एएनसी (गर्भावस्था पूर्व एवं दौरान देखभाल) से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान करना था, ताकि लोग समय रहते जांच, उपचार और सावधानियों को अपनाकर स्वस्थ जीवन जी सकें।
कार्यक्रम में सपना ठाकुर (महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता) द्वारा गर्भवती महिलाओं को एएनसी देखभाल के प्रमुख विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच, संतुलित आहार, आयरन व कैल्शियम की गोलियों का सेवन, टीकाकरण तथा स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी समझाया कि समय पर स्वास्थ्य केंद्र में पंजीकरण कराने से मां और शिशु दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

इस अवसर पर विजय कुमार शांडिल काउंसलर (एचआईवी काउंसलिंग एवं टेस्टिंग सेवाएं), सिविल अस्पताल द्वारा उपस्थित महिलाओं एवं पुरुषों को कैंसर के बारे में जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि कैंसर एक गंभीर लेकिन समय पर पहचान होने पर उपचार योग्य बीमारी है। उन्होंने स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, मुख कैंसर और फेफड़ों के कैंसर जैसे आम प्रकारों के बारे में जानकारी देते हुए उनके लक्षणों पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने बताया कि लगातार खांसी, असामान्य गांठ, अनियमित रक्तस्राव, वजन का अचानक कम होना और लंबे समय तक ठीक न होने वाले घाव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
शांडिल ने यह भी कहा कि तंबाकू, गुटखा, शराब, असंतुलित खान-पान और शारीरिक निष्क्रियता कैंसर के मुख्य कारणों में शामिल हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि नशे से दूर रहें, नियमित व्यायाम करें, पौष्टिक भोजन लें तथा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराते रहें। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सरकारी अस्पतालों में कई प्रकार की जांच एवं परामर्श सेवाएं निःशुल्क या रियायती दरों पर उपलब्ध हैं, जिनका लाभ उठाया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में आशा कार्यकर्ता सुनीता बंसल एवं उषा देवी का विशेष योगदान रहा। दोनों ने कार्यक्रम के समन्वय, प्रतिभागियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं और परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य करने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।

इस जागरूकता शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से प्रश्न पूछकर अपनी शंकाओं का समाधान किया तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी को यह संदेश दिया गया कि “रोकथाम ही सबसे बेहतर इलाज है”, इसलिए नियमित जांच, सही जीवनशैली और समय पर उपचार अपनाकर कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।

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