February 11, 2026 3:52 am

कर्मचारियों व पेंशनरों के करोड़ों रुपयों की बकाया राशि और महंगाई किस्तों को डी फ्रिज करने के प्रयास को प्रदेश के 2लाख पेंशनर किसी भी कीमत पर नही करेंगे स्वीकार

[adsforwp id="60"]

प्रदेश सरकार द्वारा केंद्र सरकार के द्वारा राजस्व घाटा अनुदान बंद किए जाने को लेकर प्रदेश के कर्मचारियों व पेंशनरों की करोड़ों रुपयों की देनदारियों और महंगाई राहत की किस्तों को डी फ्रिज करने को लेकर दिए गए रिप्रेजेंटेंशन और इसपर मुख्य मंत्री के बयान की प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति कड़ी निंदा करती है। यहां जारी बयान में प्रदेश सयुक्त संघर्ष समिति के महा सचिव इंदर पाल शर्मा ने बताया कि 7फरवरी को समिति के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर की अध्यक्षता में प्रदेश संघर्ष समिति की वर्चुअल वीडियो बैठक में सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान की कटौती की आड़ में कर्मचारियों व पेंशनरों के करोड़ों रुपयों की बकाया राशि और महंगाई किस्तों को डी फ्रिज करने के प्रयास को प्रदेश के 2लाख पेंशनर किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने राजस्व घाटा अनुदान को अगले वित्तीय वर्ष से लागू करने को कहा है सरकार को 3वर्षों के कार्यकाल के दौरान जब ये राहत मिल रही थी तो तब हमारी देनदारियों की नहीं दी गई। सरकार आर्थिक स्थिति ठीक करने के लिए विधायकों को केवल एक पेंशन,अपने दर्जनों सलाहकारों की फौज,निगमों और बोर्डो में नियुक्त किए गए चेयर मैंनो, को तुरंत प्रभाव से उन्हें हटाया जाए जिन्हें हर माह लाखों रुपए इंसेंटिव और अन्य नियुक्त किए गए संवैधानिक पदों के मासिक वेतन में और उनकी पेंशन में की गई 6गुना बढ़ोतरी, सचिवालय में मुख्य सचिव और अन्य सचिवों के द्वारा अपने अधीन विभागों की गाड़ियों के दुरुपयोग को रोक कर हर महीने करोड़ों रुपयों की बचत करे। बैठक में सर्व सम्मति से 17और 18फरवरी को संघर्ष समिति के द्वारा सयुक्त रूप अपनी मांगों को लेकर सरकार के विरुद्ध दो दिनों का धरना दिया जा आएगा जो सुबह 10बजे से शाम को 5बजे तक होगा।उसके बाद विधान सभा का जिस दिन से बजट का दूसरा पार्ट शुरू होगा संघर्ष समिति के सभी प्रमुख 19संगठनों के हजारों सदस्यों के द्वारा विधान सभा का घेराव किया जायेगा तथा उनके साथ ही यह संघर्ष प्रदेश के हर जिला में जारी रहेगा। बैठक में प्रदेश संघर्ष समिति के द्वारा 18फरवरी को राज्यपाल को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा जिसमें प्रदेश में वित्तीय संकट के लिए उनसे यहां राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग की जाएगी।समिति का एक प्रतिनिधि मंडल दिली में महा महिम राष्ट्रपति जी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी से समय मांग कर उनसे मिलकर उन्हें भी वस्तुत स्थित से अवगत करवा कर यहां राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग करेगा।

Leave a Reply