February 5, 2026 1:14 pm

डॉ. मुक्ता रस्तोगी (खंड चिकित्सा अधिकारी अर्की) के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित

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अर्की

खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुक्ता रस्तोगी के मार्गदर्शन में रौडी, दाड़लाघाट में एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को एचआईवी/एड्स, ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) और स्तनपान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में परामर्श विशेषज्ञ डॉ. विजय कुमार शांडील ने महिलाओं को इन बीमारियों के लक्षण, रोकथाम, जांच एवं उपचार की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही स्तनपान पर विशेष ध्यान देते हुए उन्होंने बताया कि स्तनपान बच्चे के लिए पहला और सबसे संपूर्ण पोषण है। नवजात को पहले 6 महीने तक केवल माँ का दूध ही देना चाहिए। इसे एक्सक्लूसिव ब्रेस्टफीडिंग कहा जाता है।

माँ का पहला दूध यानी कोलोस्ट्रम (पीला गाढ़ा दूध) शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। इसे “प्राकृतिक टीका” भी कहा जाता है।

स्तनपान न केवल बच्चे को स्वस्थ बनाता है, बल्कि माताओं में ब्रेस्ट कैंसर, ओवरी कैंसर व डायबिटीज जैसी बीमारियों के खतरे को भी कम करता है।
यह माँ और बच्चे के बीच भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करता है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि कार्यरत माताओं को भी स्तनपान कराने के लिए उचित सहयोग, मातृत्व अवकाश, और वर्कप्लेस पर ब्रेस्टफीडिंग फ्रेंडली वातावरण की आवश्यकता होती है।

डॉ. मुक्ता रस्तोगी ने इस शिविर के आयोजन के लिए अपनी टीम को मार्गदर्शन प्रदान किया और संदेश दिया कि ग्राम स्तर पर ऐसे स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर होते रहने चाहिए, ताकि महिलाओं को सशक्त बनाया जा सके और शिशुओं के स्वास्थ्य की बुनियाद मजबूत की जा सके।

यह शिविर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास सिद्ध हुआ।

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