March 4, 2026 10:38 pm

भगवान श्रीराम केवल एक अवतारी पुरुष नहीं,बल्कि सत्य,धर्म और मर्यादा के आदर्श प्रतीक हैं:आचार्य मनीराम शास्त्री

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दाड़लाघाट

शिव मंदिर दाड़लाघाट में चल रही श्रीराम कथा के सातवें दिन कथा व्यास आचार्य मनी राम शास्त्री ने भक्तों को भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन सुनाया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम केवल एक अवतारी पुरुष नहीं,बल्कि सत्य,धर्म और मर्यादा के आदर्श प्रतीक हैं। जब-जब समाज में अधर्म और अन्याय बढ़ता है, तब-तब भगवान अपने भक्तों की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए अवतार धारण करते हैं। आचार्य मनी राम शास्त्री ने समझाया कि श्रीराम ने वनवास काल में कठिन परिस्थितियों के बावजूद धैर्य,त्याग और कर्तव्यपालन का पालन कर पूरी मानवता को प्रेरित किया। उन्होंने भगवान श्रीराम की मर्यादा,लक्ष्मण की सेवा भावना,सीता माता की पवित्रता और हनुमान जी की भक्ति को जीवन में उतारने का संदेश दिया। इस अवसर पर बाबा महन्त जयदेव गिरी जी महाराज ने बताया कि उनके गुरुजी एवं ब्रह्मलीन नागा बाबा श्री वैष्णो गिरी जी महाराज की 10वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में यह कथा आयोजित की जा रही है। कथा स्थल पर प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित होकर कथा श्रवण कर रहे हैं। वातावरण में हर समय राम नाम के जयकारे,भजन और कीर्तन गूंज रहे हैं। सातवें दिन भी श्रद्धालुओं ने गहरी आस्था और उत्साह के साथ कथा का श्रवण किया और आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया।
बाबा महन्त जयदेव गिरी जी महाराज ने बताया कि पांच सितंबर को कथा का समापन हवन और भंडारे के साथ किया जाएगा। इस मौके पर समाजसेवी राजेंद्र ठाकुर,बीडीसी अध्यक्षा कुनिहार सोमा कौंडल,जय पाल चौधरी,भीम सोनी,बालक राम शर्मा,धर्मपाल सहित अन्य मौजूद रहे।

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