समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय एवं प्रेरणादायक भूमिका निभा रही धर्मार्थम संस्था द्वारा शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में वर्ष 2025 का दूसरा रक्तदान शिविर 21 दिसंबर 2025 को सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस शिविर में इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आई.जी.एम.सी.) शिमला का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
शिविर के दौरान कुल 45 यूनिट रक्त एकत्र किया गया, जो आपातकालीन परिस्थितियों में जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनरक्षक सिद्ध होगा।
इस अवसर पर आई.जी.एम.सी. शिमला से डॉ. सुधीर कुमार एवं उनकी मेडिकल टीम ने उपस्थित रहकर तकनीकी व चिकित्सीय सहयोग प्रदान किया और रक्तदान प्रक्रिया को सुरक्षित व सुचारु रूप से संपन्न कराया।
शिविर को सफल बनाने में संस्था के समर्पित स्वयंसेवकों की भूमिका अत्यंत प्रशंसनीय रही। जिनमें विशेष रूप से
कुश (सबसे कम उम्र 11 वर्ष), गुरलीन, मुकुल के अलावा, प्रधान डॉ. निशा वर्मा पंवर, ध्रुव, एस.आर. चंदेल, वाणी, सुनीता शर्मा एवं रविंदर सोढ़ी जी सहित अन्य सदस्यों ने पंजीकरण, रक्तदाताओं की देखभाल, जागरूकता अभियान और व्यवस्थापन कार्यों में सक्रिय सहयोग दिया।
संस्था की ओर से सभी रक्तदाताओं को प्रशंसा-पत्र एवं नाश्ता प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
इस अवसर पर डॉ. निशा वर्मा पंवर ने कहा,
“रक्तदान जीवनदान है। यह केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवता का सबसे बड़ा प्रतीक है। धर्मार्थम संस्था का प्रयास है कि समाज के अधिक से अधिक लोग इस दिशा में जागरूक हों और जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुँच सके।”
धर्मार्थम संस्था केवल रक्तदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निरंतर विभिन्न सामाजिक गतिविधियों का संचालन करती आ रही है। इनमें कपड़ा बैंक, अनाज बैंक, मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर, सार्वजनिक स्वच्छता अभियान तथा पौधरोपण कार्यक्रम प्रमुख हैं।
संस्था की आगामी योजनाओं में ग्रामीण क्षेत्रों तक चिकित्सा सेवाएं पहुँचाना, प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देना तथा परंपरागत खेती के प्रति जागरूकता फैलाना भी शामिल है।





