कुनिहार
अक्षरेश शर्मा
“जब बाढ़ आई, जब पहाड़ टूटा, जब गाँव उजड़े,
तो हिमाचल ने अपने नेताओं की ओर उम्मीद से देखा।
लेकिन भाजपा और कांग्रेस दोनों ने क्या किया?
एक-दूसरे पर कीचड़ उछाला… और जनता की पीड़ा पर राजनीति की दुकान चलाई।
केंद्र से मदद की उम्मीद थी…
पर 7 सांसद, 28 विपक्ष के विधायक भी प्रदेश को राहत दिलाने में नाकाम रहे।
हैरानी है…
राहत पैकेज पर सहमति नहीं,
लेकिन अपने लिए 100 करोड़ का आवास मंज़ूर!
अपनी तनख्वाह बढ़ाने पर एकजुट।
रूमित सिंह ठाकुर
राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी





