February 5, 2026 10:00 am

अर्की अस्पताल में संक्रामक एवं असंक्रामक रोगों, क्षय रोग (टीबी), गर्भवती महिलाओं की समुचित देखभाल तथा परिवार नियोजन जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य विषयों पर दी गयी जानकारी

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सिविल अस्पताल अर्की के कॉन्फ्रेंस हॉल में आशा कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुक्ता रस्तोगी के नेतृत्व में संपन्न हुई। बैठक का उद्देश्य आशा कार्यकर्ताओं को संक्रामक एवं असंक्रामक रोगों, क्षय रोग (टीबी), गर्भवती महिलाओं की समुचित देखभाल तथा परिवार नियोजन जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य विषयों पर जानकारी प्रदान करना और फील्ड स्तर पर सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाना रहा।

बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. मुक्ता रस्तोगी ने टीबी के लक्षण, समय पर जांच, उपचार की निरंतरता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे समुदाय में टीबी के संभावित मरीजों की शीघ्र पहचान कर उन्हें समय रहते स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाएं, ताकि रोग के प्रसार को रोका जा सके। इसके साथ ही उन्होंने अन्य संक्रामक रोगों जैसे डायरिया, डेंगू, मलेरिया आदि की रोकथाम, स्वच्छता और जागरूकता के उपायों पर भी चर्चा की।

डॉ. रस्तोगी ने असंक्रामक रोगों जैसे उच्च रक्तचाप (बीपी), मधुमेह, हृदय रोग आदि पर भी विशेष ध्यान दिया। उन्होंने बताया कि ये बीमारियां धीरे-धीरे शरीर को प्रभावित करती हैं और समय पर जांच व जीवनशैली में सुधार से इन्हें नियंत्रित किया जा सकता है। इस संदर्भ में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि घर-घर जाकर लोगों को जांच, परामर्श और रेफरल के लिए प्रेरित करना अत्यंत आवश्यक है।

बैठक में गर्भवती महिलाओं की देखभाल पर भी विशेष चर्चा की गई। डॉ. रस्तोगी ने नियमित एएनसी जांच, समय पर टीकाकरण, पोषण, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों का सेवन तथा खतरे के संकेतों की पहचान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सुरक्षित मातृत्व और संस्थागत प्रसव के महत्व पर जोर देते हुए आशा कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे गर्भवती महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

इसके अतिरिक्त परिवार नियोजन विषय पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अस्थायी एवं स्थायी गर्भनिरोधक साधनों, उनके लाभ और सही उपयोग के बारे में जानकारी दी गई तथा दंपतियों को जागरूक करने पर बल दिया गया, ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार हो सके।

इस अवसर पर काउंसलर विजय कुमार शांडिल, सुपरवाइजर भुषण वर्मा तथा लीला दत्त गर्ग भी बैठक में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए आशा कार्यकर्ताओं को फील्ड में आने वाली चुनौतियों से निपटने और समुदाय के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए प्रेरित किया।

बैठक के अंत में आशा कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता दिखाई और विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ किया गया कि सभी आशा कार्यकर्ता मिलकर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाएंगी और समुदाय को स्वस्थ रखने की दिशा में निरंतर कार्य करेंगी।

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