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कुनिहार
शिव मंदिर तलाब पर शारदीय नवरात्रों के शुभारम्भ के साथ द्वितीय नवरात्रे से प्रारम्भ होगा ज्ञान रूपी श्रीमभागवत कथा का आयोजन ।
शिव मंदिर परिसर कुनिहार में सात दिवसीय श्री मदभागवत कथा का आयोजन 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर किया जा रहा है । भागवत कथा राधे श्याम परिवार के सौजन्य से आयोजित करवाई जा रही है,जिसमे प्रसिद्ध कथा वाचक एवं बांके बिहारी विश्व मंगलम सेवाधाम के प्रमुख संस्थापक हरिजी महाराज अपनी मधुर वाणी से श्रोताओं में ज्ञान यज्ञ की गंगा प्रवाहित करेगे। जानकारी राधे श्याम परिवार संस्था के प्रधान कृष्ण पंवार तथा महासचिव इंदिरा शांडिल ने प्रेस को जारी बयान में दी है। उन्होंने बताया जी 4 अक्टूबर को 3 बजे शिव मंदिर के मुख्यद्वार पर समस्त राधे श्याम परिवार व संस्था से जुड़ी महिलाए कथा व्यास हरिजी महाराज व पुराण ग्रन्थ का स्वागत करेगी तथा कलश यात्रा निकाली जाएगी।इसके पश्चात हरिजी महाराज द्वारा पंडाल में विधिवत रूप से कलश की स्थापना की जायेगी। पूजा अर्चना के उपरांत श्री मदभागवत कथा का शुभारंभ होगा। मूल पाठ का समय प्रातः 5 बजे से होगा तथा कथा प्रवचन का समय प्रतिदिन 1 बजे से साय 4 बजे तक रहेगा व रोजाना कथा पंडाल में साय 7 से 9 बजे तक आरती व भजन कीर्तन होगा। श्यामनन्द शांडिल ने बताया कि 10 अक्टूबर 2024 को प्रातः 11 बजे पूर्णाहुति के साथ श्रीमदभागवत कथा विश्राम की ओर अग्रसर होगी। उन्होंने बताया कि 10 अक्टूबर को कथा प्रवचन का समय 12 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा। इसके पश्चात क्षेत्रवासियों में भंडारे का भोग वितरित किया जायेगा। राधे श्याम संस्था की प्रधान कृष्णा पंवर, सलाहकार नीलम कौंडल,हेमलता कश्यप, मीडिया प्रभारी एवं कोषाध्यक्ष अंजना कश्यप, महासचिव इंदिरा शांडिल,सहसचिव गोदावरी देवी ने इस नवरात्रे पर्व पर धार्मिक स्थल शिव मंदिर परिसर तलाब में श्रीमदभागवत कथा आयोजित करने का बीड़ा उठाया है। इस संस्था के साथ क्षेत्र की बहुत सी महिलाएं जुड़ी है जिनके प्रयासों से इस कथा का सफलतापूर्वक आयोजन करवाया जायेगा। संस्था के उक्त सभी पदाधिकारियों ने समस्त क्षेत्रवासियों से आह्वान किया है कि वे सभी श्रीमद्भागवत कथा में बढ़ चढ़ कर भाग ले और अपने जीवन को सफल बनाये।
विश्व मंगलम सेवाधाम के मीडिया प्रभारी डीडी कश्यप ने बताया,कि कथा के सफल आयोजन के लिए तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। उन्होंने क्षेत्र के सभी प्रबुद्धजनों से आग्रह किया है कि वे सभी श्रीमद्भकगवत कथा में बढ़ चढ़कर अपनी उपस्थिति सुनिशचित करे।।





