अर्की
अर्की तहसील में बहुत सी जगह है जहां पर आप घूम फिर सकते है और यहां के स्वछ पर्यावरण का आनन्द ले सकते है यहां की जगह के अनुसार यहां की उस स्थान के साथ भी कहानियां जुड़ी हुई है , जो अपना इतिहास भी बयां करती है,
आज हम आये हैं सरयांज पंचायत के गरुड़नाग में
यहां स्थानीय निवासी सेना से सेवानिवृत्त बाबू राम शर्मा से बातचीत में बताया कि एक समय यहां पर गरुड़ ओर नाग का भयंकर युद्ध हुआ था कई दिन युद्ध चलने के पश्चात नाग इस तालाब के एक छोर की गुफा में चल गया, ओर पाताल में प्रवेश कर गया, उसके बाद इस जगह का नाम गरुड़नाग पड़ा
पहले यहां पर एक कच्चा तालाब था जिसे बाद में सीमेंट से पक्का कर दिया गया व जहां से नाग पाताल लोग गया था उस छोटी सी गुफा को भी बन्द कर दिया गया ,यहीं ऊपर थोड़ी ऊंचाई पर विश्वप्रसिद्ध बाढ़ीधार मंदिर है जहां जून महीने में प्रसिद्ध मेला लगता है , बाढ़ीधार से एक किलोमीटर नीचे विधुर जी का मंदिर भी बनाया जा रहा है जहां पर जातर का पहला पड़ाव होता है, वहां पर लोगों द्वारा मेले के दिन विशाल भंडारा भी लगाया जाता है । आप लोग भी अगर श्रद्धा व विश्वास के साथ घूमने के शौकीन हैं तो एक भर बाढ़ीधार जरूर आएं





