March 4, 2026 2:26 pm

भक्ति सर्वस्व त्याग का मार्ग है ।हमें भी संसार की आसक्ति छोड़कर प्रभु का बनना होगा।कथा व्यास साध्वी सुश्री रुपेश्वरी भारती

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शिमला

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से श्रीराम मंदिर ,शिमला में सात दिवसीय श्री कृष्ण कथामृत के पंचम दिवस मीना भारद्वाज और रणजीत सिंह ने पूजन करवाया। कथा प्रवचनों में श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या कथा व्यास साध्वी सुश्री रुपेश्वरी भारती जी ने बताया कि भगवान श्री कृष्ण के जीवन में जहां बहुत से चेतन पात्र हैं वही एक ऐसा पात्र भी है जिसके बिना भगवान श्रीकृष्ण अधूरे हैं और वह है उनकी बांसुरी ।जब वह बजती थी तो सभी को दीवाना कर देती थी। भगवान श्री कृष्ण की बांसुरी भक्ति व समर्पण का प्रतीक है इसलिए तो वह कन्हैया के हाथ का यंत्र बनी। भक्ति सर्वस्व त्याग का मार्ग है ।हमें भी संसार की आसक्ति छोड़कर प्रभु का बनना होगा ।इसी में जीवन की सार्थकता और कल्याण है ।कथा में गोवर्धन लीला प्रसंग भी सुनाया गया जो हमें समझाता है कि हमें अपनी प्रकृति का संरक्षण करना चाहिए। प्रकृति हमारी मां है। वह हमारे जीवन यापन के लिए हमें विभिन्न साधन प्रदान करती है। मानव ने आज अपने स्वार्थ के लिए प्रकृति का दोहन किया ।उसे प्रदूषित कर दिया। यही कारण है कि आज हमें प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है। यदि हम अपने जीवन को खुशहाल बनाना चाहते हैं तो हमें अपने जीवन में मां प्रकृति का सम्मान करना होगा।समाज में फैली नशे की समस्या पर विचार देते हुए साध्वी जी ने बताया कि यह संसार का नशा सदैव जीवन का नाश करता है। आज समाज में देखें तो नशे ने कितने ही घर बर्बाद कर दिए। जिसके कारण चारों ओर अनैतिकता, हत्याएं ,चोरी और भ्रष्ट मानसिकता  आदि बुराइयां फैल रही है। आज देश की रीढ़ कहे जाने वाले युवा वर्ग को नशे ने तबाह कर दिया है। युवाओं में बढ़ रहे नशे की इस प्रवृत्ति का उन्मूलन किया जाना आवश्यक है। इसके लिए युवाओं को आध्यात्मिक ज्ञान और मार्गदर्शन की आवश्यकता है। संस्थान द्वारा ‘बोध’ नामक नशा उन्मूलन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। कथा में साध्वी बहनों ने सुमधुर भजनों का गायन किया। कथा में श्रद्धालुओं का सैलाब प्रतिदिन की भांति प्रवचनों को श्रवण करने के लिए उमड़ रहा है।कथा में सशस्त्र सीमा बल कमांडेंट डॉ राजीव रंजन,दूरदर्शन केन्द्र शिमला से विकास कुमार,अक्षय डोगर ने दीप प्रज्वलित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।कथा का समापन विधिवत प्रभु की आरती के साथ हुआ जिसमें विश्व हिन्दू परिषद् के प्रान्त संगठन मंत्री प्रेम शंकर,एडवोकेट प्रितेंदरनाथ भनोट,सुनील सूद, बाल कृष्ण महाजन आदि ने हिस्सा लिया।साध्वी गार्गी भारती जी ने जानकारी देते हुए बताया कि 16 जून को सुबह 9 बजे श्री राम मन्दिर में कथा के उपलक्ष्य में हवन यज्ञ किया जाएगा।

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