राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, दानोघाट में एचआईवी/एड्स जागरूकता अभियान के अंतर्गत एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम खंड चिकित्सा अधिकारी अर्की, डॉ. मुक्ता रस्तोगी के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं और युवतियों को एचआईवी/एड्स, हेपेटाइटिस बी एवं सी जैसी गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में डॉ. विजय कुमार शांडिल, परामर्श विशेषज्ञ (एचआईवी काउंसलिंग एवं टेस्टिंग सेवाएं), सिविल अस्पताल अर्की ने विद्यार्थियों को एचआईवी/एड्स से संबंधित विस्तृत एवं सरल भाषा में जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि एचआईवी क्या है, यह कैसे फैलता है, इसके लक्षण क्या हैं तथा इससे बचाव के लिए किन-किन सावधानियों का पालन आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से असुरक्षित यौन संबंधों, संक्रमित सुइयों एवं सिरिंज के प्रयोग, तथा रक्त एवं रक्त उत्पादों के असुरक्षित उपयोग से होने वाले जोखिमों पर प्रकाश डाला।
डॉ. शांडिल ने युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि नशा न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि यह एचआईवी, हेपेटाइटिस बी एवं सी जैसी बीमारियों के संक्रमण का खतरा भी बढ़ा देता है। उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया कि संक्रमित सुई और सिरिंज का कभी भी प्रयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह जानलेवा बीमारियों के फैलने का एक प्रमुख कारण है।
उन्होंने विद्यार्थियों को टैटू बनवाने के संभावित खतरों के बारे में भी जागरूक किया और कहा कि असुरक्षित तरीके से टैटू बनवाने से भी एचआईवी एवं हेपेटाइटिस संक्रमण का जोखिम रहता है। इसलिए यदि कभी टैटू बनवाना हो तो केवल प्रमाणित एवं स्वच्छ स्थानों पर ही बनवाएं, या बेहतर होगा कि इससे पूरी तरह परहेज किया जाए।
इस अवसर पर विद्यालय की कार्यकारी प्रधानाचार्य कुशम शर्मा, शिक्षक अशोक कुमार एवं निरंजन दास भी उपस्थित रहे। उन्होंने इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं में सही समय पर सही जानकारी देना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे भविष्य में होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों से स्वयं को सुरक्षित रख सकें।
कार्यक्रम को सफल बनाने में आशा वर्कर कौशल्या एवं चंपा देवी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध सेवाओं, जांच एवं परामर्श सुविधाओं के बारे में जानकारी दी तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता फैलाने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।
अंत में विद्यार्थियों ने इस जागरूकता शिविर को अत्यंत उपयोगी बताया और संकल्प लिया कि वे नशामुक्त जीवन अपनाएंगे, असुरक्षित गतिविधियों से दूर रहेंगे तथा स्वयं के साथ-साथ समाज को भी एचआईवी/एड्स और अन्य संक्रामक रोगों के प्रति जागरूक करेंगे। यह कार्यक्रम युवाओं को स्वस्थ, सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।





