हिमाचल के पूर्ण राज्यत्व दिवस पर मुख्य मंत्री के द्वारा प्रदेश के 4 लाख कर्मचारियों व पेंशनरों की करोड़ों रुपयों की देनदारियों को लेकर कोई भी नई घोषणा न कर के कर्मचारी वर्ग के साथ फिर से विश्वास घात किया है । यहां आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश सयुक्त संघर्ष समिति के महा सचिव इन्द्र पाल शर्मा ने कहा कि मुख्य मंत्री ने 70वर्ष की आयु से अधिक और चतुर्थ श्रेणी के पेंशनरों के लिए जो घोषणा की वह गत वर्ष के बजट में और गत 15अप्रैल व गत 17दिसंबर को घुमारवीं में भी यही घोषणा की गई थी।
शर्मा ने प्रदेश के तथाकथित ज्वाइंट फ्रंट आत्मा राम गुट को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ये गुट लगातार प्रदेश के पेंशनरों को कह रहा है,कि 25जनवरी को मुख्यमंत्री डी ए और एरियर की बहुत बड़ी घोषणा करेंगे।पेंशनरों को गुमराह करने और पूर्व व अब की गई घोषणा के लिए सरकार के ऐसे स्वागत कर रहा है जैसे प्रदेश के पेंशनरों को सब कुछ मिल गया हो । इंदर पाल शर्मा ने कहा कि ऐसे स्वार्थी,चाटुकार,पेंशनर विरोधी तत्व के कारण ही सरकार अभी तक पेंशनरों की देनदारियां को नहीं दे रही हैं इसके लिए सरकार से ज्यादा ये लोग ही जिमेवार हैं।उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि ऐसे तत्वों को बेनकाब कर उनका समाजिक बहिष्कार किया जाए। शर्मा ने कहा कि सरकार अपने यार मित्रो की आए रोज राजनीतिक नियुक्तियां के उनके हर महीने लाखों के वित्तीय लाभ करोड़ों रुपयों की नई लग्जरी गाड़िया मकान भत्ते ,प्रदेश व अन्य राज्यों की सैर करने के लिए दैनिक भतें पर अनावश्यक रूप से करोड़ों रुपयों खर्च कर रही है और पेंशनरों के लिए पैसे नही है। प्रदेश के सभी प्रमुख 18 संगठनों की ज्वाइंट एक्शन कमेटी की राज्यस्तरीय बैठक 15फरवरी से पहले आयोजित करके अगले संघर्ष की घोषणा कर दी जाएगी।
अब सरकार से न वार्ता होगी न कोई नोटिस दिया जाएगा सीधा संघर्ष किया जाएगा जो इस सरकार के पतन तक जारी रहेगा।
बैठक में आर पी जोशी.सुशील कुमार,ओम प्रकाश गर्ग,राजेंद्र धीमान ,जगदीश चंदेल,गोपाल कृष्ण और भवानी शंकर उपस्थित रहे हैं





