माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार खंड विकास अधिकारी कुनिहार ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं ।
कुनिहार
अक्षरेश शर्मा
अगर समय रहते हमारी समस्याओं का समाधान नहीं होता तो मजबूरी में हमें आने वाले पंचायतीराज चुनाव तक का बहिष्कार करने पर मजबूर होना पड़ेगा । कुछ ऐसा ही आक्रोश अब विकास खंड कुनिहार के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत हनुमान बड़ोग के गांव मनलोग बड़ोग के ग्रामीणों में देखने को मिल रहा है । उक्त गांव का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार दुबारा से अपनी समस्याओं को लेकर खंड विकास अधिकारी कुनिहार के समक्ष पेश हुआ। जिधर खंड विकास अधिकारी ने उच्च न्यायालय के आदेशानुसार ग्रामीणों की समस्याओं को गहनता से सुना एवं ग्रामीणों द्वारा दुबार से अपना एक विरोधस्वरूप मांगपत्र प्रेषित किया।
मीडिया से बातचीत में खंड विकास अधिकारी कुनिहार तन्मय कंवर ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार ग्राम पंचायत हनुमान बड़ोग के अंतर्गत आने वाले गांव मनलोग बड़ोग के ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया । आगामी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
गौरतलब है कि पंचायतों के पुनर्गठन के तहत ग्राम पंचायत हनुमान बड़ोग के गांव मनलोग बड़ोग वार्ड संख्या 2 को ग्राम पंचायत दाडलघाट में मिलाया गया है। जिसको लेकर उक्त गांव के ग्रामीणों ने गत 3 फरवरी को खंड विकास अधिकारी कुनिहार के समक्ष अपना विरोध स्वरूप मांगपत्र प्रेषित किया था। तत्पश्चात ग्रामीणों ने गत 13 फरवरी को माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा दिया। उच्च न्यायालय के आदेशानुसार ग्रामीणों की जन समस्याओं को दुबारा से सुनने के आदेश दिए गए थे।
ग्रामीण राजेश कुमार, देवेंद्र कुमार, मीरा शर्मा, जया शर्मा, अमर देव, गणपतू, वंदना, दीपक, विशाखा, लता, मधुबाला, ओमप्रकाश, रोशनलाल, सोमेश्वर आदि ग्रामीणों ने कहा कि अपनी समस्याओं को विकास खंड अधिकारी, जिलाधीश के अतिरिक्त विधायक के समक्ष भी रख चुके हैं। उन्होंने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार दुबारा से अपनी जन समस्याओं को लेकर गांव के अलग अलग संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल खंड विकास अधिकारी कुनिहार के समक्ष पेश हुआ था। जिधर ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को रखा एवं करीब 165 ग्रामीणों के एक प्रतिनिधमंडल ने दुबारा से विरोधस्वरूप अपना मांगपत्र भी प्रेषित किया। उन्होंने कहा कि गांव के चंद लोग संपूर्ण गांव का फैसला कर रहे हैं। उन्होंने नेताओं को चेताया कि चुनाव चंद लोगों से नहीं जीते जाते। जनसमूह साथ होना चाहिए।




