March 5, 2026 8:26 pm

शून्य दाखिले वाले 39 और स्कूल होंगे बंद, 100 विद्यार्थियों वाले 21 कॉलेज मर्ज।

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अर्की ब्यूरो : 

हिमाचल प्रदेश में शून्य दाखिले वाले और 39 स्कूल बंद होंगे, जबकि 100 से कम विद्यार्थियों वाले 21 कॉलेजों को मर्ज किया जाएगा। गुरुवार को सचिवालय में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने अधिकारियों को इस बाबत प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के लिए दो किलोमीटर दूर जाने वाले विद्यार्थियों को सरकार परिवहन भत्ता देगी। शिक्षा मंत्री ने गैर सीबीएसई स्कूलों के विलय के लिए भी प्रारूप तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि सरप्लस शिक्षकों और गैर शिक्षकों को जरूरत के मुताबिक अन्य शिक्षण संस्थानों में ट्रांसफर किया जाएगा।
100 से कम नामांकन वाले कॉलेजों का विलय होने से संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। इस निर्णय से व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, शिक्षकों की भर्ती या वर्तमान कर्मचारियों की सेवाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। इससे किसी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी। उन्होंने खेल छात्रावासों के लिए लंबित 1.2 करोड़ रुपये का डाइट फंड भी शीघ्र जारी करने को कहा। वहीं विभाग को एससीईआरटी की ओर से तैयार मॉड्यूल आधार पर नव पदोन्नत प्रधानाचार्यों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
शिक्षक भर्ती के लिए न्यूनतम 23 वर्ष आयु सीमा की शर्त होगी समाप्त
शिक्षा मंत्री ने शिक्षक भर्ती के लिए न्यूनतम आयु सीमा 23 वर्ष की शर्त को समाप्त करने के निर्देश दिए। कई विद्यार्थियों की डिग्री 23 साल से पहले पूरी हो चुकी है। गणित व अंग्रेजी विषय के विज्ञापित पदों की भर्ती के लिए यह युवा अपात्र हो रहे थे। ऐसे में सरकार ने बड़ी राहत देते यह फैसला लिया है।
ये कॉलेज होंगे मर्ज -कुपवी, मुल्थान, ननखड़ी, जयनगर, कोटली, थाची, भराली, रामशहर, कुमारसैन, चिंतपूर्णी, श्रीनयना देवी जी, रक्कड़, चौकी मनियार, रोनहाट कॉलेज में 100 से कम विद्यार्थी हैं।
तीन साल में 1250 स्कूल बंद और मर्ज। मार्च 2023 में सरकार ने अप्रैल 2022 के बाद खुले 17 डिग्री और दो संस्कृत कॉलेज बंद किए थे। तीन वर्षों में सरकार ने 1250 स्कूलों को बंद व मर्ज किया है। इनमें 450 स्कूल ऐसे थे जिनमें किसी भी विद्यार्थी ने दाखिला नहीं लिया था।
गुणात्मक शिक्षा की दिशा में किए जा रहे सुधारों में तेजी लाने के निर्देश
शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए गुणात्मक शिक्षा की दिशा में किए जा रहे सुधारों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य भर में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और संस्थागत सुविधाओं को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक मानकों में सुधार लाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करना वर्तमान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने, संसाधनों का बेहतर उपयोग और सरकारी संस्थानों में मजबूत शैक्षणिक वातावरण विकसित करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में 39 छात्र और छात्रा विद्यालयों का विलय कर सह शिक्षा संस्थानों में परिवर्तित किया गया है, ताकि बुनियादी ढांचे और शिक्षण स्टाफ का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

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