March 3, 2026 9:23 pm

डी.ए.वी. अंबुजा विद्या निकेतन पब्लिक स्कूल दाड़लाघाट द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रोपड़ की शैक्षणिक यात्रा

[adsforwp id="60"]

कक्षा-कक्ष की सीमाओं से परे विद्यार्थियों को व्यवहारिक अनुभव प्रदान करने और उनमें वैज्ञानिक जिज्ञासा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से डी.ए.वी. अंबुजा विद्या निकेतन पब्लिक स्कूल दाड़लाघाट द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रोपड़ का शैक्षणिक यात्रा आयोजित की गई। आईआईटी रोपड़ के अध्यापकों और शोधार्थियों ने विद्यार्थियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। यात्रा की शुरुआत एक परिचयात्मक सत्र से हुई, जिसमें विद्यार्थियों को संस्थान के शैक्षणिक कार्यक्रमों, अनुसंधान क्षेत्रों एवं नवाचार प्रणाली के बारे में जानकारी दी गई। इस सत्र ने विद्यार्थियों को यह समझने में सहायता की कि भारत में वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति में आईआईटी की क्या भूमिका है। यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने रोबोटिक्स लैब, और मैकेनिकल इंजीनियरिंग वर्कशॉप जैसी अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया। उन्होंने स्वचालित रोबोट, ड्रोन तकनीक और नवीकरणीय ऊर्जा मॉडल जैसी नवाचार परियोजनाओं के प्रत्यक्ष प्रदर्शन देखे। इन प्रयोगों ने विद्यार्थियों की कल्पनाशक्ति को प्रज्वलित किया और उन्हें कक्षा में सीखे गए सिद्धांतों के व्यावहारिक उपयोग की झलक दिखाई। इसके पश्चात् एक वरिष्ठ प्रोफेसर द्वारा आधुनिक विज्ञान में नवाचार और अनुसंधान विषय पर प्रेरणादायक वार्ता आयोजित की गई। यह वार्ता विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी रही, जिसने उन्हें आलोचनात्मक सोच, नवाचार और वैज्ञानिक उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। यात्रा का समापन संस्थान के परिसर भ्रमण के साथ हुआ, जहाँ विद्यार्थियों ने संस्थान के हरित वातावरण, उन्नत अनुसंधान सुविधाओं और जीवंत शैक्षणिक माहौल का अनुभव किया। समग्र रूप से देखा जाए तो आईआईटी रोपड़ का यह शैक्षणिक यात्रा विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी अनुभव सिद्ध हुई। इसने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया, वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रति उनकी समझ को गहरा किया और उन्हें उच्च शैक्षणिक उपलब्धियों की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया। अध्यक्ष एल.एम.सी, सी.एम.ओ (नॉर्थ) ए.सी.एल मुकेश सक्सेना ने विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकों और विद्यार्थियों को इस सफल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई दी और कहा कि ऐसे शैक्षणिक यात्राएँ विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से परे व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हैं और उनमें अनुसंधान, नवाचार एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक होते हैं। यह पहल न केवल विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास की दिशा में एक सराहनीय कदम है, बल्कि उन्हें भविष्य के वैज्ञानिक, इंजीनियर और नवप्रवर्तक बनने के लिए प्रेरित भी करती है।

Leave a Reply