28/05/2024 9:27 pm

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कलियुग में इस भवसागर से पार उतरने के लिए सत्संग और भागवत कथा ही मुख्य मार्ग

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अर्की आजतक (ब्यूरो)

दाड़लाघाट

ग्राम पंचायत नवगांव के गांव समलोह के गांववासियों द्वारा शिव मंदिर प्रांगण समलोह में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान यज्ञ के तीसरे दिन दाड़लाघाट के कोटला पुजारिया के ब्यास आचार्य अमित गंगेश्वर ने कहा कि भगवन्नाम की विस्मृति हमारे जीवन की सबसे बड़ी विपत्ति है और भगवन्नाम की हर क्षण स्मृति सबसे बड़ी सम्पत्ति है। उन्होंने कहा कि इस संसार में केवल भगवान ही हमारे हैं और कोई भी इस संसार में अपना नहीं है। इसीलिए समस्त संसार से मोह को त्यागकर हमें भगवान के श्रीचरणों में अपने मन को लगाना चाहिए। आचार्य अमित गंगेश्वर ने कहा कि कलियुग में इस भवसागर से पार उतरने के लिए सत्संग और भागवत कथा हमारे जीवन में एक नौका का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि एक जन्म नहीं अपितु बहुत जन्मों के अर्जित हमारे पुण्य जब जागृत होते हैं तब कहीं जाकर मनुष्य को सत्संग और भागवत कथा की प्राप्ति होती है। इस संसार में केवल वही मनुष्य धन्य है जिसके जीवन में नित्यप्रति भागवत कथा का रसवर्षण होता है। कथा के बीच बीच में आचार्य अमित गंगेश्वर ने भागवत भजन के द्वारा माहौल को भागवत मय एवं भक्ति मय बना दिया। इस मौके पर भजन कीर्तन का आयोजन कर प्रभु महिमा का गुणगान किया। कथा सुनने के लिए आस पास के लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस अवसर पर आए हुए सभी श्रद्धालुओं को भंडारे का भी आयोजन किया गया।

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