कुनिहार
अनादिकालीन शिव तांडव गुफा कुनिहार में आयोजित पावन शिव महापुराण कथा के दशमी दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही। कथा व्यासपीठ से प्रवचन करते हुए आचार्य बलवंत शांडिल्य जी ने भक्तों को धर्म, भक्ति और नीति से परिपूर्ण शंखचूड़ की प्रेरणादायक कथा सुनाई।
उन्होंने विस्तार से बताया कि शंखचूड़ असुर होते हुए भी महान तपस्वी और भगवान के परम भक्त थे, जिनकी कथा जीवन में सत्य, संयम और भक्ति का संदेश देती है। कथा श्रवण के दौरान पंडाल में उपस्थित भक्तगण मंत्रमुग्ध होकर कथा का रसपान करते रहे और वातावरण “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने आचार्य जी का आशीर्वाद प्राप्त किया और धर्ममय वातावरण में भक्ति भाव से दिवस का समापन हुआ।




