स्वास्थ्य विभाग अर्की के अंतर्गत आज वार्ड नंबर-2 में तंबाकू नियंत्रण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. मुक्ता रस्तोगी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. विजय कुमार शांडिल (काउंसलर, एचआईवी काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सर्विसेज, सिविल अस्पताल अर्की) ने उपस्थित लोगों को तंबाकू के सेवन से होने वाले नुकसान, प्रावधानों तथा तंबाकू उत्पादों के वैध लाइसेंस से संबंधित जानकारी प्रदान की।

डॉ. शांडिल ने बताया कि तंबाकू सेवन एक गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य समस्या है। इसके उपयोग से कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियाँ, मुँह और गले के संक्रमण जैसी कई घातक बीमारियाँ उत्पन्न होती हैं। उन्होंने बताया कि तंबाकू न केवल उपयोगकर्ता को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि पैसिव स्मोकिंग के कारण आसपास के लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालता है।
उन्होंने COTPA Act 2003 के अंतर्गत आने वाले महत्वपूर्ण प्रावधानों के बारे में भी विस्तार से बताया, जैसे 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू उत्पाद बेचना पूर्णतः प्रतिबंधित है।
किसी भी शैक्षणिक संस्था के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री कानूनन अपराध है।
सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान वर्जित है।
डॉ. शांडिल ने सभी दुकानदारों को जागरूक करते हुए कहा कि जो भी व्यापारी तंबाकू उत्पादों की बिक्री करते हैं, उन्हें वैध लाइसेंस रखना आवश्यक है और कानून के सभी नियमों का पालन करना चाहिए।
कार्यक्रम में दवा दुकानदारों और अन्य स्थानीय दुकानदारों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सभी ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे न तो स्वयं तंबाकू का सेवन करेंगे और न ही किसी को इसके उपयोग के लिए प्रेरित करेंगे। इसके साथ ही सभी ने यह भी संकल्प लिया कि वे अपने क्षेत्र को “तंबाकू मुक्त क्षेत्र” बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएँगे।
शांडील नें सभी दुकानदारों से आग्रह किया कि वे तंबाकू उत्पादों की बिक्री में कानूनी प्रावधानों का पालन करें तथा समाज को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाने में सहयोग दें।
अंत में डॉ. विजय कुमार शांडिल ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि यदि समाज के हर व्यक्ति को तंबाकू के नुकसान की सटीक जानकारी हो, तो हम मिलकर एक तंबाकू मुक्त स्वस्थ भारत का निर्माण कर सकते हैं।





