राजकीय महाविद्यालय दाड़लाघाट के द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा पर्यावरणीय स्थलों से परिचित कराना था।महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रुचि रमेश ने बताया कि इस भ्रमण में 33 विद्यार्थियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने अटारी-वाघा बॉर्डर का दौरा किया, जहां उन्होंने भारत-पाकिस्तान सीमा पर आयोजित होने वाली प्रसिद्ध बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी को देखा और देशभक्ति से परिपूर्ण वातावरण का अनुभव किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने अमृतसर स्थित पवित्र स्वर्ण मंदिर के दर्शन किए तथा वहां की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस शैक्षणिक भ्रमण के अंतर्गत विद्यार्थियों ने भरतगढ़ स्थित वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का भी अवलोकन किया। यहां उन्हें कचरा प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया। विद्यार्थियों ने अपशिष्ट प्रबंधन की प्रक्रिया को निकट से समझा और स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता प्राप्त की। इस भ्रमण में सहायक आचार्य इतिहास डॉ. भुवि शर्मा तथा सहायक आचार्य हिंदी रचना तनवर विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहे और उन्होंने विभिन्न स्थलों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व शैक्षणिक महत्व के बारे में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।





