अर्की आजतक
अर्की
शहनाज
‘बाड़ी का मेला’अर्की के बाड़ीधार में प्रति वर्ष “आषाढ़ मास की सक्रांति को मनाया जाता है l यह मेला पांडवों के प्रति लोगों की अथाह श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। ‘ बाड़ी का मेला’ बाड़ी नामक स्थान पर आयोजित किया गया। यह मेला कई वर्षों से चली आ रही स्थानीय रीती- रिवाजों के अनुसार मनाया जाता है। बाड़ी धार अर्की से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। बाड़ी धार का स्थान एक सुन्दर मनमोहक स्थान है। इसके चारों ओर हरियाली ही हरियाली दिखाई पड़ती है और लोगों को लगता है मानो वे साक्षात देव लोक में आ गए है।
देव भूमि बाड़ी धार के बाड़ी मेले में जो आता है बाड़ा देव उसकी सभी मन की मुरादें पूरी करतें है यही कारण श्रद्धालु दूर-२ से इस मेले को देखने के लिए यहाँ पहुँचते हैं। इस मेले की पूर्व संध्या पर इस स्थान पर रतजगा अर्थात जागरण का आयोजन गया। इस मेले में भारी भीड़ उमड़ी। जितनी भीड़ यहाँ मेले के दिन होती है उससे ज्यादा भीड़ इसकी पूर्व संध्या पर रतजगे वाली रात देखने को मिली। मेले की पूर्व संध्या पर यहाँ कीर्तन भजन का आयोजन किया गया।









